राजस्थान में सफल रहा जनता कर्फ्यू, 31 मार्च तक लॉक डाउन
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए आह्वान पर रविवार को राजस्थान में जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा। राजधानी जयपुर से लेकर जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा सहित प्रदेश के सभी छोटे-बडे शहरों मं सड़कें सूनी रहीं और बाजार पूरी तरह बंद रहे। जो लोग कर्फ्यू का नजारा देखने के लिए बाहर निकले हुए दिखाई भी दिए, उन्हें पुलिस ने समझा बुझा कर वापस भेज दिया। इस दौरान आवश्यक सेवाओं जैसे पेट्रोल पंप और चिकित्सा सेवाएं खुली रहीं।
आज नजर आई जयपुर की सड़कों की चौड़ाई
राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी चौड़ी सड़कों के लिए जाना जाता है, लेकिन आम दिनों में ट्रैफिक और अतिक्रमण के कारण इन सड़कों की चौड़ाई का पता ही नहीं चलता। आज जनता कर्फ्यू के दौरान न ट्रैफिक था और न अतिक्रमण। ऐसे में जो लोग सड़कों पर आए या लोगों को सोशल मीडिया के जरिए जब यहां की खाली सड़कों के फोटो देखने को मिले तो कई लोग, विशेषकर युवा पीढ़ी सड़कों की चौड़ाई देख कर आश्चर्य करती दिखी। रविवार को सुबह से ही राजधानी जयपुर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। दूध की आपूर्ति वैसे तो हुई थी, लेकिन लाॅक डाउन की घोषणा के बाद रविवार को लोगों को ने आम दिनों के मुकाबले ज्यादा दूध खरीदा इसके चलते कई जगह दूध जल्दी ही खत्म हो गया।
जयपुर के सभी प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल भी सुबह सात बजे ही बंद हो गए और जो इक्का दुक्का श्रद्धालु पहुंचे, उन्हें बाहर से ही दर्शन करने पड़े। परकोटा क्षेत्र के अलावा शहर के बाहरी इलाकों में भी जनता कर्फ्यू का असर पूरी तरह नजर आया। यहां व्यापारियों ने शनिवार से ही दुकानें बंद कर दी थी और सोमवार तक बंद करने की घोषणा की हुई थी। अब सरकार ने लाॅक डाउन की घोषणा कर दी है, ऐसे में अब 31 मार्च तक यहां सब कुछ बंद हो गया। दिल्ली नेशनल हाइवे पर मनोहरपुर टोल प्लाजा पर रोजाना टोल से करीब 35 हजार वाहन निकलते हैं, लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण वाहनों में 70 प्रतिशत तक की कमी आ गई।
सीकर के बाजार बंद रहे। लोग घरों से बाहर नहीं निकलें। आमजन भी अपने सोशल साइट्स, वॉट्सअप डीपी व स्टेटस, फेसबुक स्टोरी, ट्विटर पर जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील करते रहे। बीकानेर संभाग के ज्यादातर शहरों में सन्नाटा छाया रहा। सभी बाजार है पूरी तरह से बंद रहे। नेशनल हाइवे भी खाली दिखाई दिया। कई जगह पुलिस सड़क पर दिख रहे लोगों को मास्क लगाने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहती दिखी। कोटा में सुबह नौ बजे तक रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ रही। बड़ी संख्या में छात्र घर जाने के लिए रवाना हुए। वहीं ज्यादातर हॉस्टल खाली हो गए।
राजस्थान में 31 मार्च तक लॉक डाउन
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 31 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय, मॉल, सिनेमा हॉल, होटल, दुकानें, फैक्ट्री और अन्य प्रतिष्ठान अब 31 मार्च तक बंद रहेंगे। इस बीच, रविवार को जनता कर्फ्यू के कारण जोधपुर में सड़कें सुनसान रहीं।
सीएम की अध्यक्षता में देर रात हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे पहले सरकार ने 14 सरकारी विभागों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी विभागों में शट डाउन किया था, लेकिन शनिवार को एकसाथ छह लोगों के पॉजिटिव मिलने के बाद लॉक डाउन करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने तय किया है कि स्ट्रीट वेंडर्स को एक अप्रैल से स्थानीय निकाय के सहयोग से फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
आज नजर आई जयपुर की सड़कों की चौड़ाई
राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी चौड़ी सड़कों के लिए जाना जाता है, लेकिन आम दिनों में ट्रैफिक और अतिक्रमण के कारण इन सड़कों की चौड़ाई का पता ही नहीं चलता। आज जनता कर्फ्यू के दौरान न ट्रैफिक था और न अतिक्रमण। ऐसे में जो लोग सड़कों पर आए या लोगों को सोशल मीडिया के जरिए जब यहां की खाली सड़कों के फोटो देखने को मिले तो कई लोग, विशेषकर युवा पीढ़ी सड़कों की चौड़ाई देख कर आश्चर्य करती दिखी। रविवार को सुबह से ही राजधानी जयपुर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। दूध की आपूर्ति वैसे तो हुई थी, लेकिन लाॅक डाउन की घोषणा के बाद रविवार को लोगों को ने आम दिनों के मुकाबले ज्यादा दूध खरीदा इसके चलते कई जगह दूध जल्दी ही खत्म हो गया।
जयपुर के सभी प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल भी सुबह सात बजे ही बंद हो गए और जो इक्का दुक्का श्रद्धालु पहुंचे, उन्हें बाहर से ही दर्शन करने पड़े। परकोटा क्षेत्र के अलावा शहर के बाहरी इलाकों में भी जनता कर्फ्यू का असर पूरी तरह नजर आया। यहां व्यापारियों ने शनिवार से ही दुकानें बंद कर दी थी और सोमवार तक बंद करने की घोषणा की हुई थी। अब सरकार ने लाॅक डाउन की घोषणा कर दी है, ऐसे में अब 31 मार्च तक यहां सब कुछ बंद हो गया। दिल्ली नेशनल हाइवे पर मनोहरपुर टोल प्लाजा पर रोजाना टोल से करीब 35 हजार वाहन निकलते हैं, लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण वाहनों में 70 प्रतिशत तक की कमी आ गई।
सीकर के बाजार बंद रहे। लोग घरों से बाहर नहीं निकलें। आमजन भी अपने सोशल साइट्स, वॉट्सअप डीपी व स्टेटस, फेसबुक स्टोरी, ट्विटर पर जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील करते रहे। बीकानेर संभाग के ज्यादातर शहरों में सन्नाटा छाया रहा। सभी बाजार है पूरी तरह से बंद रहे। नेशनल हाइवे भी खाली दिखाई दिया। कई जगह पुलिस सड़क पर दिख रहे लोगों को मास्क लगाने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहती दिखी। कोटा में सुबह नौ बजे तक रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ रही। बड़ी संख्या में छात्र घर जाने के लिए रवाना हुए। वहीं ज्यादातर हॉस्टल खाली हो गए।
राजस्थान में 31 मार्च तक लॉक डाउन
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 31 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय, मॉल, सिनेमा हॉल, होटल, दुकानें, फैक्ट्री और अन्य प्रतिष्ठान अब 31 मार्च तक बंद रहेंगे। इस बीच, रविवार को जनता कर्फ्यू के कारण जोधपुर में सड़कें सुनसान रहीं।
सीएम की अध्यक्षता में देर रात हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे पहले सरकार ने 14 सरकारी विभागों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी विभागों में शट डाउन किया था, लेकिन शनिवार को एकसाथ छह लोगों के पॉजिटिव मिलने के बाद लॉक डाउन करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने तय किया है कि स्ट्रीट वेंडर्स को एक अप्रैल से स्थानीय निकाय के सहयोग से फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
