रायला क्षैत्र मे हुआ बैल पुजन , जमकर की आतिशबाजी ।
रायला क्षैत्र मे हुआ बैल पुजन , जमकर की आतिशबाजी ।
रायला में दीपावली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया । जिसमें ग्रामवासियों के द्वारा लक्ष्मीपूजन के साथ वाहनों , दुकानों , अपने घरों में पूजन पाठ किया गया था । दीपोत्सव के बाद प्रात:काल मे गोवर्धन पुजा करने के बाद शाम गॉवो मे बैलो को पुजा गया !
ईरांस ग्राम में आधुनिक जमाने मे जहा कृषि कार्य करने के लिए विभिन्न मशीने मौझुद है ।वही गॉवो मे आज भी परम्परागत तरीके से कृषि कार्य करने वाले परिवार बैलो को पालते है । जिनका आज पुजन किया गया ! परम्परा अनुसार गॉवो मे दोपहर को अपने बैलो को स्नान कराकर विभिन्न रंगो से सिंगो व शरीर पर रंगोलीनुमा आकृतिया बना कर सजाया गया तथा ग्राम के विभिन्न स्थानो पर लोग बैलो की जोड़ीया लेकर पहुचे । बेलो के गले मे टोकरियाँ , माला , गुब्बारे लगा कर बेलो को सजाया गया था । जिनको मोहल्ले में पटाखों फोड़ते हुए बेलो को भटकाया गया है । जिनकी विधि विधान से पुजा अर्चना की गई ! बैलो को
लापसी खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया गया !
ग्रामीण क्षैत्रो दीपोत्सव की आतिशबाजी गोवर्धन पुजा के दिन होने वाले बैलो के पुजन के वक्त की जाती है इस दौरान लोगो ने जमकर आतिशबाजी की ओर एक दुसरेे को मिठाई खिलाकर दीपोत्सव की बधाई दी ।
रायला में दीपावली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया । जिसमें ग्रामवासियों के द्वारा लक्ष्मीपूजन के साथ वाहनों , दुकानों , अपने घरों में पूजन पाठ किया गया था । दीपोत्सव के बाद प्रात:काल मे गोवर्धन पुजा करने के बाद शाम गॉवो मे बैलो को पुजा गया !
ईरांस ग्राम में आधुनिक जमाने मे जहा कृषि कार्य करने के लिए विभिन्न मशीने मौझुद है ।वही गॉवो मे आज भी परम्परागत तरीके से कृषि कार्य करने वाले परिवार बैलो को पालते है । जिनका आज पुजन किया गया ! परम्परा अनुसार गॉवो मे दोपहर को अपने बैलो को स्नान कराकर विभिन्न रंगो से सिंगो व शरीर पर रंगोलीनुमा आकृतिया बना कर सजाया गया तथा ग्राम के विभिन्न स्थानो पर लोग बैलो की जोड़ीया लेकर पहुचे । बेलो के गले मे टोकरियाँ , माला , गुब्बारे लगा कर बेलो को सजाया गया था । जिनको मोहल्ले में पटाखों फोड़ते हुए बेलो को भटकाया गया है । जिनकी विधि विधान से पुजा अर्चना की गई ! बैलो को
लापसी खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया गया !
ग्रामीण क्षैत्रो दीपोत्सव की आतिशबाजी गोवर्धन पुजा के दिन होने वाले बैलो के पुजन के वक्त की जाती है इस दौरान लोगो ने जमकर आतिशबाजी की ओर एक दुसरेे को मिठाई खिलाकर दीपोत्सव की बधाई दी ।

