जमाई मानकर यहा पर होती है रावण की पुजा
आज विजया दशमी हे असत्य पर सत्य की विजय के इस पर्व पर बुराई के प्रतिक रावन को जगह जगह दहन किया जा रहा हे लेकिन एक जगह ऐसी भी हे जहा रावन की पूजा की जाती हे. और उसे जमाई का दर्जा दिया जाता हे। यहाँ महिलाए जमाई राजा रावण की प्रतिमा के सामने से आज भी पर्दा कर निकलती है ,,,,, तो कहा हे रावन का ससुराल देखिये हमारी इस खबर में..............
VO 1 - पौराणिक मान्यताओ के अनुसार मध्य प्रदेश के मंदसौर में स्थित हे दशानन रावन का ससुराल और ये हे रावन की विशाल प्रतिमा , जो काफी प्राचीन हे और दशहरे पर्व पर यहाँ रावण की पूजा की जा रही हे, यहाँ बुराई के प्रतिक रावन का दहन नहीं किया जाता हे बल्कि उसे पूजा जाता हे । ऐसी मान्यता हे कि नामदेव समाज के लोग रावण की पत्नी मंदोत्तरी को अपनी बेटी का दर्जा देते है ,इसी लिहाज से मंदसौर में लंकापति रावण को जमाई राजा का दर्जा दिया जाता है । दशहरे के दिन खानपुरा स्थित दशानन की विशाल प्रतिमा को पूजा जाता है । दशहरे के दिन समाज के सभी लोग ढोल धमाको के साथ रावण की पूजा करने पहुचते हे । रावण को फूल हार पहनाए जाते हे धुप दीप के साथ आरती कर सभी लोग लंका पति लंकेश रावण की जयकारो साथ ढोल ढोल धमको से आरती की जाती है इस आरती में समाज के सभी लोगो सहित महिलाए बच्चे बुजुर्ग भी शामिल होते है । ख़ास बात यह है कि मंदसौर के जमाई रावण की प्रतिमा के सामने से आज भी महिलाए घूँघट करती हे ,ये मालवा की संस्कृति हे जहा जमाई को आदर सम्मान महिलाए घूँघट निकालकर करती हे । यहाँ महिलाए हमेशा प्रतिमा के सामने से घूंघट कर के निकलती है । सदियों से चली आ रही यह परम्परा आज भी वैसी ही प्रचलित हे । बताया जाता हे की मंदसौर के खानपुरा में स्थित जमाई राजा रावण की यह प्रतिमा काफी प्राचीन हे।
VO2 - जीतनी ख़ास जमाई राजा रावण के पुजा की यह परम्परा हे उतना ही चमत्कारिक भी हे । यहाँ रावण की पूजा के साथ लोग रावण से मन्नत भी मांगते हे और दशानन अपने भक्तो की मन्नत पूरी भी करते हे । मान्यता है कि यहाँ रावण की प्रतिमा है दाए पैर में लच्छा बांधकर मन्नत की जाती है और मन्नते पूरी भी होती हे। यहाँ लोग दशहरे के पर्व पर रावण की पूजा के साथ सुख समृद्धि की कामना और मन्नत लंकापति रावण से मंगाते हे जो पूरी होती हे। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु दशहरे पर पूजा कर चूरमा बाटी का भोग लगाते हे। वही मान्यता यह भी हे की बीमार व्यक्ति द्वारा रावण के पैरों में लच्छा बंधने से कई बीमारियां ठीक हो जाती है । इस दिन यहाँ कई दिन दुखी आते हे और रावण के पैरो में लच्छा बांध कर अपने ऊपर आई विपत्तियों दूर करने के लिए रावण से प्रार्थना करते हे ..यहाँ के लोगो का तो यहाँ तक मनना हे की रावन की पूजा करने से मंदसौर में कोई विपप्ती नहीं आति हे। नामदेव समाज शहर की सुख समृद्धि की कामना लंकापति से करते हे।
विजय रेटूदिया 9893826690