चांदरास गढ के काला जी स्थान पर गवरी नृत्य को देखने उमडा जन सैलाब ।
चांदरास
भेरु लाल टेलर
गढ के कालाजी के स्थान पर शुक्रवार शाम को गवरी नृत्य [राई] का आयोजन हुआ जो देर रात तक चला ।यह आयोजन नवरात्रि के उपलक्ष रखा गया।गांव मे राई नाचने से कोई प्रकार बिमारी नही फैलती है यह लोगो का मानना है। जिसमे पनोतिया व चांदरास के भील समाज के लोक कलाकारों द्वारा गवरी नृत्य किया गया।इसमे लोगो का मुख्य आकर्षण कालु कीर,हटिया हटणी,चितोड का किला,पर रहा।राई देखने
चांदरास,सोजी का खेडा,गोविन्दपुरा,खारोलिया खेडा,चेना का खेडा,आदि गांवो से देखने को महि
ला पुरुष बच्चो का जन सैलाब उमडा सैकडो की तादाद मे लोग पहुचे।
इसमे भील समाज के सुवा लाल भील,राम लाल भील,नेनु राम भील,गोरु लाल भील आदि भील जाती के लोक कलाकारो ने भाग लिया।
भेरु लाल टेलर
गढ के कालाजी के स्थान पर शुक्रवार शाम को गवरी नृत्य [राई] का आयोजन हुआ जो देर रात तक चला ।यह आयोजन नवरात्रि के उपलक्ष रखा गया।गांव मे राई नाचने से कोई प्रकार बिमारी नही फैलती है यह लोगो का मानना है। जिसमे पनोतिया व चांदरास के भील समाज के लोक कलाकारों द्वारा गवरी नृत्य किया गया।इसमे लोगो का मुख्य आकर्षण कालु कीर,हटिया हटणी,चितोड का किला,पर रहा।राई देखने
चांदरास,सोजी का खेडा,गोविन्दपुरा,खारोलिया खेडा,चेना का खेडा,आदि गांवो से देखने को महि
ला पुरुष बच्चो का जन सैलाब उमडा सैकडो की तादाद मे लोग पहुचे।
इसमे भील समाज के सुवा लाल भील,राम लाल भील,नेनु राम भील,गोरु लाल भील आदि भील जाती के लोक कलाकारो ने भाग लिया।