रायला बरसनी में ईश्वर को ईश्वर तक पहुचने में भी परेशानी , मृत्यु के बाद भी ईश्वर तक पहुचने आ रही है विपदायें ।
रायला बरसनी ग्राम पंचायत के बालाजी का खेड़ा में टिन शेड नही होने से दिनभर शव को लेकर बैठे रहे परिजन
शनिवार शाम से चल रही बारिश रविवार दिनभर भी जारी रही इसके चलते नही हो पाया दिनभर दाह
बालाजी खेड़ा निवासी ईश्वर बारोलिया (28) की अचानक शनिवार रात्रि को निधन हो गया ।
रविवार अलसुबह से ही ग्रामीण व परिजन ईश्वर के दाह संस्कार के लिए बारिश के रुकने का इंतजार में बैठे रहे ग्रामीणों ने बताया कि
मोक्षधाम में टिन शेड न होने से दाह संस्कार कैसे किया जाय और न ही मोक्षधाम जाने का रास्ता है ।
मोक्षधाम के रास्ते मे हो बड़े वाहन गुजरने से हुआ रास्ता दुर्बल हो जाने के कारण बड़े बड़े गड्ढे हो गए है अब उन गड्डो से होकर शव को लेकर निकलना पड़ता है आये दिन ग्रामीणों की यही पीड़ा बनी हुई है ।
संबंधित क्षेत्र के वार्ड पंच सुरेश बारोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 2 वर्षों से शमसान भूमि में टिन शेड बनवाने के लिए पंचायत की कोरम में यह प्रस्ताव लिखवा चुके है मगर ग्राम पंचायत इस पर कोई अमल नही कर रही है ।
रविवार देर शाम तक बारिश नही रुकी तो ग्रामीणों ने बारिश में ही शव को उठाकर दाह संस्कार के लिए लेकर निकल पड़े व टायरों की मदद से ईश्वर का दाह संस्कार किया गया ।
व दाह संस्कार में जाने वाले ग्रामीण बारिश से बचने के लिए तिरपाल व छाताओ की मदद से वहां पहुच कर दाह संस्कार करवाया ।
इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है । ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कही बार शमसान भूमि में सुविधा के लिए मांग कर चुके है । लेकिन अभी तक ग्रामीणों की मांग की कोई सुनवाई नही हो पाई है ।