कोई गांव चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं, लेकिन डॉक्टरों के हजारों पद रिक्त
जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश का कोई गांव चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं है।
सराफ ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक नन्दकिशोर महरिया के मूल प्रश्न के जवाब में कहा कि प्रदेश में कोई गांव चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं है। जिन गांवों में कोई ऎलोपैथिक चिकित्सा संस्थान स्वीकृत नहीं है, इनमें निकटतम गांवों में संचालित चिकित्सा संस्थान द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाई जा रही है ।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के ऎसे स्थान, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ उप स्वास्थ्य केन्द्र भी संचालित हो रहे हैं, का जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ संचालित हो रहे उप स्वास्थ्य केन्द्रों को अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित करने की कार्यवाही की जा रही है।
सराफ ने बताया कि प्रदेश में 11 हजार 818 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, जिनमें से 3022 पद रिक्त चल रहे है। साथ ही चिकित्सा विभाग के अन्य पद जैसे नर्सिंग, नर्स आदि के 31 हजार 560 पद खाली है।
सराफ ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक नन्दकिशोर महरिया के मूल प्रश्न के जवाब में कहा कि प्रदेश में कोई गांव चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं है। जिन गांवों में कोई ऎलोपैथिक चिकित्सा संस्थान स्वीकृत नहीं है, इनमें निकटतम गांवों में संचालित चिकित्सा संस्थान द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाई जा रही है ।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के ऎसे स्थान, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ उप स्वास्थ्य केन्द्र भी संचालित हो रहे हैं, का जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ संचालित हो रहे उप स्वास्थ्य केन्द्रों को अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित करने की कार्यवाही की जा रही है।
सराफ ने बताया कि प्रदेश में 11 हजार 818 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, जिनमें से 3022 पद रिक्त चल रहे है। साथ ही चिकित्सा विभाग के अन्य पद जैसे नर्सिंग, नर्स आदि के 31 हजार 560 पद खाली है।