राष्ट्र संत मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज की संल्लेखना समाधि शुरू
देश दुनिया में कड़वे प्रवचन के लिए प्रसिद्ध जैन मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज गंभीर रूप से बीमार हैं। डाक्टरों ने उन्हें जबाव दे दिया है। मुनिश्री अपने गुरु की आज्ञा से संल्लेखना समाधि शुरू कर दी है। उन्होंने आज से आजीवन अन्न-जल का त्याग कर दिया है। दिल्ली में कई जैन संत उनकी समाधि (मृत्यु महोत्सव) कराने उनके पास पहुंच रहे हैं।
रुक जाओ मुनिश्री.....
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जैन संत मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज गंभीर रूप से बीमार हैं। आज उनके गुरु आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज ने उन्हें संल्लेखना समाधि की अनुमति प्रदान करते हुए अपने दो शिष्यों मुनि श्री सौरभ सागर एवं मुनि श्री अरूण सागर जी को उनकी समाधि (साधना करते हुए मृत्यु का वरण) कराने तत्काल उनके पास पहुंचने का आदेश दिया है।
मुनि श्री तरुण सागर महाराज दिगम्बर जैन समाज की पूंजी हैं। उन्होंने जैन धर्म का प्रचार जन-जन में किया। उनके न रहने के अहसास से ही हम सहम जाते हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि कोई चमत्कार हो जाए और मुनिश्री ठीक हो जाएं। समाज को उनकी बहुत आवश्यकता है। मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज देश की युवा पीढ़ी के लिए रोल माडल हैं। इस पीढ़ी को उनकी बहुत जरुरत है।
मुनि श्री के शरीर की पीड़ा असहनीय होती जा रही है। हे भगवान उनकी पीड़ा को हर लो...यदि भगवान को लगता है कि उन्हें हमसे ज्यादा तरुण सागर जी महाराज की जरूरत है तो हौले से बिना कष्ट दिए ले जाओ। मुनिश्री ने इस पर्याय में किसी को तनिक भी कष्ट नहीं दिया है, फिर भगवान उन्हें आप इतना कष्ट क्यों दे रहो हो।
रुक जाओ मुनि श्री.....हमें आपकी बहुत जरु