एपल का मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर, ये मुकाम हासिल करने वाली दुनिया की दूसरी कंपनी बनी
वैल्युएशन में सबसे बड़ी भारतीय कंपनी टीसीएस का मार्केट कैप 7.47 लाख करोड़ रुपए
7.40 लाख करोड़ रुपए मार्केट कैप के साथ रिलायंस दूसरे नंबर पर
सैन फ्रांसिस्को. एपल गुरुवार को एक ट्रिलियन डॉलर (68 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली कंपनी बन गई। बुधवार को 6% उछाल के बाद एपल के शेयर में गुरुवार को कुछ गिरावट आई, लेकिन जल्द ही तेजी लौटी। शेयर प्राइस 207.05 डॉलर पर पहुंचते ही एपल का वैल्युएशन एक ट्रिलियन (1000 अरब) डॉलर हो गया। एपल ये आंकड़ा छूने वाली अमेरिका की पहली और दुनिया की दूसरी कंपनी है। इससे पहले नवंबर 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्युएशन इस स्तर पर पहुंचा था। हालांकि, कारोबार खत्म होने पर ये एक ट्रिलियन से नीचे आ गया था।
दुनिया की टॉप-3 मार्केट कैप वाली कंपनियां
कंपनी मार्केट कैप (डॉलर)
एपल 1000 अरब
अमेजन 879 अरब
अल्फाबेट 842 अरब
7 महीने में शेयर 22% चढ़ा : जनवरी 2018 से अब तक एपल के शेयर में 22% तेजी आई है। 12 महीने में ये 34% चढ़ा है। गुरुवार की तेजी के बाद शेयर अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया। कंपनी का मार्केट कैप 9 साल में करीब 900% बढ़ चुका है। मई 2009 में एपल का वैल्युएशन 121 अरब डॉलर था जो अब 1000 अरब हो गया है। 24 जनवरी 2013 को शेयर में गिरावट की वजह से मार्केट कैप एक ही दिन में 59.6 अरब डॉलर घट गया था। एपल 7 साल से लगातार दुनिया की नंबर-1 कंपनी बनी हुई है। 12 दिसंबर 1980 को एपल अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हुई। उस दिन मार्केट कैप 1.56 अरब डॉलर था।
एक साल में एपल के शेयर का प्रदर्शन
समय रिटर्न
2 दिन 9%
1 महीना 10%
3 महीने 17%
7 महीने 22%
12 महीने 32%
एपल के तिमाही नतीजे : अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 32% बढ़कर 79,000 करोड़ रुपए रहा। रेवेन्यू 17% बढ़कर 3.6 लाख करोड़ रुपए हो गया। आईफोन की बिक्री से रेवेन्यू में 20% बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने 4.13 करोड़ आईफोन बेचे। हालांकि ये जून 2017 की तिमाही से 1% और मार्च 2018 की तिमाही से 21% कम है। लेकिन आईफोन की औसत कीमत में 20% इजाफे की वजह से रेवेन्यू बढ़ा है। एपल वॉच, होमपॉड स्पीकर और दूसरे हार्डवेयर की बिक्री 37% बढ़कर 25,000 करोड़ रुपए हो गई। एपल ने मंगलवार को नतीजों का ऐलान किया। बुधवार को इसके शेयर में 6% तेजी बेहतर नतीजों की वजह से ही आई थी।
पेट्रोचाइना सिर्फ एक दिन के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर पर थी : नवंबर 2007 में पेट्रोचाइना कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा छुआ था। तब शंघाई के शेयर बाजार में उसके शेयर में तीन गुना की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन एक ही दिन में कंपनी इस मार्केट कैप से नीचे आ गई। मार्च 2008 तक वह 500 अरब डॉलर पर आ गई। आज वह अलीबाबा से भी पीछे है। पेट्रोचाइना चीन की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है। इसका मौजूदा मार्केट वैल्युएशन सिर्फ 194 अरब डॉलर है।
एपल की कामयाबी का सफर
1976 स्टीव वॉजनिएक और स्टीव जॉब्स ने एपल कंप्यूटर की शुरुआत की
1977 पहला पर्सनल कंप्यूटर एपल-2 बाजार में उतारा
1980 कंपनी अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हुई, आईपीओ प्राइस 22 डॉलर, मार्केट कैप 1.56 अरब डॉलर
1984 मैकिन्टोस पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च किया
1991 पहला पोर्टेबल कंप्यूटर पावरबुक 100 बाजार में उतारा
1997 कंपनी को 1.8 अरब डॉलर से ज्यादा का रिकॉर्ड नुकसान, स्टीव जॉब्स अंतरिम सीईओ बने
1998 आईमैक डेस्कटॉप कंप्यूटर लॉन्च
2000 स्टीव जॉब्स आधिकारिक तौर पर सीईओ बने
2001 आईपॉड लॉन्च किया
2003 ट्यून्स स्टोर लॉन्च किया, ऑनलाइन म्यूजिक मार्केट में कंपनी लीडर बनी
2007 आईफोन बाजार में उतारा
2010 आईपैड की बिक्री शुरू की, साल के आखिर तक टैबलेट मार्केट में 84% शेयर हुआ
2011
अमेरिकी शेयर बाजार में 551 अरब डॉलर मार्केट कैप के साथ एक्सॉन मोबिल को पीछे छोड़ा
इसी साल स्टीव जॉब्स ने सीईओ का पद छोड़ा, टिम कुक नए सीईओ बने
कैंसर की वजह से स्टीव जॉब्स की मौत हुई
2014 एपल वॉच बाजार में उतारी
2 अगस्त 2018 एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली पहली अमेरिकी कंपनी बनी