एशियन गेम्स : 16 साल के सौरभ ने एयर पिस्टल स्पर्धा में दिलाया गोल्ड
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एशियन गेम्स : 16 साल के सौरभ ने एयर पिस्टल स्पर्धा में दिलाया गोल्ड
इंडोनेशिया में चल रहे 18 वें एशियाई खेलों में भारत लगातार अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. मेरठ जिले के कलीना गांव में रहने वाले 16 साल के निशानेबाज सौरभ चौधरी ने मंगलवार को एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है. एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ सबसे युवा शूटर हैं.
एशियन गेम्स : 16 साल के सौरभ ने एयर पिस्टल स्पर्धा में दिलाया गोल्ड
सौरभ चौधरी ने अंतिम-2 में जापान के मत्सुदा टोमोयुकी को हराया था. जापानीनिशानेबाज का दो में से पहला शॉट 8.9 पर जाकर लगा, जिससे भारतीय निशानेबाज सौरभ को इसका लाभ मिला था. सौरभ ने इस मौके को जाने नहीं दिया और अपना निशाना सीधा गोल्ड पर लगा दिया. भारत के दो निशानेबाजों ने पहली बार मौजूदा एशियाई खेलों में एक ही स्पर्धा में एक-साथ खेलते हुए दो पदक जीते.
युवा निशानेबाज सौरभ चौधरी ने फाइनल में 240.7 का स्कोर किया और शीर्ष पर रहते हुए गोल्ड मेडल जीता. जापान के मत्सुदा टोमोयुकी को सिल्वर मेडल मिला. मत्सुदा का फाइनल स्कोर 239.7 रहा. भारत के अभिषेक वर्मा 219.3 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता. चीन के वु जियाउ चौथे जबकि कोरिया को ओलंपिक में कई पदक दिलाने वाले जिन जोंगोह पांचवें स्थान पर रहे.
सौरभ बागपत जिले के बरनावा के स्कूल से कक्षा 10 की पढ़ाई कर रहे हैं. सौरभ के बड़े भाई नितिन ने बताया कि सौरभ को बचपन से ही निशाने लगाने का शौक था. वह गांव और आसपास लगने वाले मेलों में जाकर गुब्बारों पर निशाना लगाता था और वहां से इनाम जीतकर लाता था। 2015 में 13 साल की उम्र में उसने पहली बार शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की.
सौरभ के पिता जगमोहन सिंह साधारण किसान है. जबकि माता ब्रजेश देवी गृहिणी है. सौरभ के परिवार में कोई भी शूटिंग का खिलाड़ी नहीं है. भाई नितिन के मुताबिक गांव के कुछ लड़के शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए जाते थे, उन्हें देखकर सौरभ ने भी उनके साथ शूटिंग की प्रैक्टिस करने का निर्णय लिया. इसके बाद उसने 2015 में बड़ौत के पास बिनौली में वीरशाहमल राइफल क्लब में प्रैक्टिस शुरू की। वो रोज करीब 7 से आठ घंटे प्रैक्टिस करते थे.
देश और प्रदेश को गौरवान्वित करने वाले होनहार सौरभ को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये का पुरस्कार व राजपत्रित नौकरी दी जाएगी.
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