1 सितम्बर से पहले हों सकते है प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव
प्रदेशभर के छात्रसंघ चुनाव की तिथि की घोषणा जल्द हो सकती है। छात्र भी तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावों को लेकर दोनों ही प्रमुख पार्टियों के छात्रनेताओं ने अपना शक्ति प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पिछली बार भी छात्रसंघ चुनाव की घोषणा उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी ने 16 अगस्त को की थी और प्रदेशभर में 28 अगस्त 2017 को चुनाव हुए थे। इस बार भी 10 अगस्त के बाद चुनाव की तिथि की घोषणा हो सकती है। उच्च शिक्षामंत्री 10 अगस्त तक सुराज गौरव यात्रा में हैं, उसके बाद ही छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम तय होगा। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार सत्र शुरू होने के 8 से 10 सप्ताह में छात्रसंघ चुनाव कराने होते हैं। सत्र शुरू हो चुका है। अब जल्द ही चुनाव की घोषणा हो सकती है। उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी ने बताया कि चुनाव तय समय पर ही होंगे। जल्द ही तिथि घोषित की जाएगी। छात्रनेता जुटे तैयारियों में छात्रसंघ चुनाव की तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है। लेकिन यह तय है कि चुनाव अगस्त के अंतिम सप्ताह में या फिर 1 सितम्बर तक हो सकते हैं। चुनावों की लेकर छात्रनेताओं ने पूरी तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय और कॉलेजों के आसपास चुनाव की रौनक दिखने लगी है। छात्रनेताओं ने ग्रामीण इलाकों में ही प्रचार शुरू कर दिया है। प्रचार के लिए सोशल मीडिया का छात्रनेता और उनके समर्थक जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। समिति की सिफारिशों का उल्लंघन छात्रसंघ चुनावों की तैयारी में छात्रनेता लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन कर रहे हैं। समिति ने चुनाव खर्च की सीमा 5 हजार रुपए तय कर रखी है, फिर भी छात्रनेता मनचाहा पैसा चुनावों की तैयारियों में खर्च कर रहे हैं। हर छात्रनेता के पास करीब दस से अधिक चौपहिया वाहन हैं। इसके अलावा छात्रों को रिझाने के लिए खाने—पीने और पोस्टर्स का खर्चा अलग है। छात्र कक्षाओं में जाकर भी प्रचार कर रहे हैं और विद्यार्थियों को रिझाने के लिए विश्विद्यालयों में प्रवेश व अन्य कोई भी समस्या हो तो उसमें भी मदद कर रहे हैं।