*बेटी बचाओ अभियान में ग्रामीण दे रहे हैं अनूठी मिसाल*
*बेटी बचाओ अभियान में ग्रामीण दे रहे हैं अनूठी मिसाल*
कोटडी पंचायत समिति के गेंहुली के ग्राम पंचायत में सोडियास गांव के ग्रामीण बेटी बचाओ अभियान में एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं |
जिसे देख कर हर कोई बेटियों के प्रति मन में अच्छी भावना प्रकट हो रही हैं |
सोड़ियास गांव के ग्रामीण पानी के टैंकरों, मोटरसाइकिल, डंपरों सहित अपने निजी वाहनों पर बेटी बचाओ संदेश के साथ स्टिकर लगाकर एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं |
जिसे देख कर देखने वाले का दिल बेटी के प्रति पसीज जाता है और वह अपने आप को इस अभियान में भागीदार बनने से नहीं रोक पाता है |
ग्रामीण महावीर सिंह, गोपाल सिंह, कमलेश, गंगाधर आदि कई ग्रामीणों के मन में बेटियों के प्रति एक ऐसा जुनून हुआ जो बेटियों के ऊपर हो रहे अत्याचार को मिटाने के लिए एक अनूठी पहल कर रहे हैं |
जिसके तहत अपने निजी वाहनों पर बेटी बचाओ संदेश के साथ स्टीकर लगा कर इस संदेश में बेटी बचाओ योजना में एक अहम भागीदारी निभा रहे हैं |
वाहनों पर " कैसे खाओगें उनके हाथों की रोटियां जब पैदा ही नहीं होने दोगें बेटियां ,, ऐसे वाक्य लिखा करें एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं |
साथ ही इन शब्दों के पास एक स्टीकर लगा हुआ है जिस पर एक मासुम नन्हीं परी अपने हाथ से चकला बेलन पर रोटियां बनाती हुई दिखाई दे रही हैं ||